Friday, December 2, 2011

तेरा साथ





तेरी बाहों में आकर मिली
मेरे दिल को तसल्ली;
तेरे कन्धों पर सर रखकर 
आनंद जीवन की हम ने ली|

तुम आये तो जैसे जीवन सँवर गए
दिन सुहाना, रातें रंगीन हो गए;
हर एक सुबह की लाली हम पर
बिखराने लगी खुशियों की मोती |

तेरी एक निगाह ने संवारा मुझे-
 खुशियों के खिलखिलाते आँचल में;
जीवन के हर पल गुनगुनाने लगे, 
होटों से मेरे मुस्कान ही बिखरने लगे|
तेरे साथ  जीवन मेरा ओ! हमसफ़र!
सपनों की दुनिया से भी हैं बेहतर;
आओ हम तुम एक साथ हो कर
दुनिया को भी बांटे ख़ुशी के दो पल!
मेरी हर साँस गाता हैं तेरेलिये
मेरे हर अरमानों में हैं सिर्फ तू;
तेरी ज़िन्दगी में आकर मुझे 
जैसे जन्नत मिली हैं धरती तले |


2 comments:

  1. @web design coimbatore rkinfo,Though I didn't understand your comment fully, Thank you!

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