दिल के दर्पण में मैंने जब
उतारी उम्मीदों की छवियाँ;
तो दिखाई दिए मुझे झलक
परमात्मा के पावन प्रेम का!
न मैं समझ पायी उनके
अपार लीला को कभी भी;
पर यकीन मेरे दिल में हैं
समझूँगी मैं भी एक दिन!
बस इक चाह हैं अभी दिल में
मोह माया में डूबकर यह मेरी
ज़िन्दगी कभी भी न हो जाए
एक ही पल में विध्वस्त !!!
Comments
निशा में आशा की किरण जगाती आपकी सुन्दर
प्रस्तुति के लिए आभार,निशा जी.
मेरे ब्लॉग पर आईयेगा.
आपका हार्दिक स्वागत है.
आपका रूहानी गीत रूह को छूता है.
मेरे ब्लॉग पर आप आईं और अपना अमूल्य समय
टिपण्णी करने में दिया,इसके लिए मैं दिल से आभारी हूँ आपका.
मैं एक महीने में एक पोस्ट ही लिखता हूँ.समय मिलने पर
मेरी पोस्ट पढ़ने की कोशिश अवश्य कीजियेगा.आपके सुविचार मेरा
मार्गदर्शन करेंगें.
Once again, Thanks for the good words. I read your post on Hanuman and I liked your portrayal of Hanuman as Jap Yajna and Praanaayam. It is indeed an enlightening post. I shall surely try and read your posts... Thank you!
He is always there, ready to connect...only we need to tune our frequency and find our path.
His ways sublime, His love omnipresent!